
भोपाल. प्रदेश के जिन गांवों में अभी तक बिजली नहीं पहुंची है, उन्हें सोलर लाइट से रोशन किया जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले के दो-दो गांवों का चयन किया जाएगा। इनमें सोलर प्लांट व लाइट लगाने का काम टाटा पॉवर कंपनी करेगी। कंपनी पंचायतों के साथ मिलकर इन सोलर लाइटों, संयंत्रों का रख-रखाव करेगी। गांवों में सोलर लाइट और संयंत्र लगाने के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिला पंचायतों से जानकारी मांगी है।
जनपद पंचायतों को सोलर अपन अरमाओ लगाने गांवों का डीपीआर बनाकर जिला पंचायतों को एक माह मेंदेना होगा। यह भी बताना होगा कि इन पंचायतों में बिजली पहुंची है या नहीं। बिजली की समस्या है, तो क्या कारण हैं। सोलर लाइट, संयंत्र लगने से गांव के लोगों को क्या लाभ होगा। जिन गांवों में सोलर लाइट लगाया जाना है, आबादी 300 से 600 सी निर्धारित की गई है। गांवों के चयन में शर्त रखी गई है कि ये गांव जिला मुख्य मार्ग के नजदीक होना चाहिए।
पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास
सरकार पंचायतों को स्ट्रीट लाइट के जरिए बिजली.की खपत कम करने के साथ ही मामले में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। जिन ग्राम पंचयातों में.हैलोजन अथवा ज्यादा पावर खींचने वाले बल्व लगे हैं, वहां बिजली-की खपत कम करने एलईडी लगाने, पानी सप्लाई के लिए नल जल योजनाओं को जोड़ने को कहा है। इसके लिए केंद्र व राज्य सरकार पंचायतों को अनुदान दे रही हैं। पंचायत, आंगनबाड़ी भवनों में भी सोलर लाइट लगाने के संबंध में जोर दे रहे हैं ।
Published on:
09 Jul 2021 11:46 am
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